प्यूमा और एडीडास की शुरुआत puma and adidas success story in hindi

 प्यूमा और एडीडास की शुरुआत एक छोटी लॉन्ड्री से हुई थी। और इस कंपनी की शुरुआत एडोल्फ डसलर और रुडोल्फ डसलर ने कि। जिनका निकनेम एडी और रूडी था।

यह दोनों सगे भाई थे। और उनके पिता एक फैक्ट्री में जूते सिलने का काम करते थे। और उनकी मां थोड़े बहुत पैसों के लिए एक छोटी सी लॉन्ड्री चलाती थी।

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एडी और रूडी अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता के साथ ही फैक्ट्री में काम करने लग गए। और कुछ समय बाद विश्व युद्ध शुरू हो गया जिसमें सभी युवाओं को भर्ती होना अनिवार्य था। और इसीलिए एडी और रूडी दोनों को बुलाया गया।

कुछ सालों तक विश्व युद्ध चलने के बाद दोनों सही सलामत घर वापस आ गए। एडी और रूडी को खेल में बहुत दिलचस्पी थी। और वह बहुत अच्छे खिलाड़ी भी थे। लेकिन जब भी वह अपने पिता के सिले हुए जूतों से फुटबॉल खेलते तो उन्हें आरामदायक महसूस नहीं होता था।

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इसलिए वे सोचते कि ऐसे जूतों से कोई कैसे खेल सकता है।
और इसीलिए उन्होंने अपने और अपने दोस्तों के लिए जूते बनाने शुरू किए। और जब उन्हें पता चला कि उनके जूते लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं, तो उन्होंने अपनी मां की लॉन्ड्री से ही जूते बनाना शुरू कर दिया।


धीरे-धीरे उनके बनाए हुए जूते लोगों तक पहुंचने शुरू हो गए। और फिर 1924 में दोनों भाइयों ने मिलकर डोसलेर ब्रदर्स नाम की एक कंपनी खोली। लेकिन यहां भी उन्हें बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। क्योंकि उस समय तक ज्यादा बिजली नहीं हुआ करती थी। और इसीलिए उन्हें साइकिल के पेडल्स का प्रयोग करना पड़ता था।

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दोनों भाइयों ने कड़ी मेहनत करके अपने बिजनेस को धीरे धीरे करके काफी आगे बढ़ा लिया। लेकिन उनको असली सफलता 12 साल बाद 1936 के समर ओलंपिक में मिली। जिसमें कैसे भी करके एडोल्फ डसलर ने उस समय के स्टार एथलीट जेसी ओवेंस को अपने जूते पहनकर परफॉर्म करने के लिए राजी कर लिया।

और उस ओलंपिक में ओवेंस ने कुल 4 गोल्ड मेडल जीते। और उसके बाद ही दुनियाभर के खिलाड़ियों के बीच डोसलेर ब्रदर्स के जूते काफी फेमस हो गए। 1948 तक उनकी कंपनी दो लाख जूते हर साल बनाने लगी।

लेकिन उसी बीच दोनों भाइयों में राजनीतिक वजह से मतभेद हो गए। और फिर उन दोनों ने अलग होने का फैसला लिया। जिसके बाद एडोल्फ ने अपनी एक अलग कंपनी बनाई। जिसका नाम उन्होंने अपने निकनेम और सरनेम को मिलाकर एडिडास रखा। और दूसरी तरफ आई रूडोल्फ ने भी रूडा नाम की कंपनी खोली। लेकिन उन्होंने कुछ समय बाद उस कंपनी का नाम बदलकर प्यूमा रख दिया।


दोनों भाइयों की कंपनी आसमान छूने लगी जूतों के साथ-साथ उन्होंने बैग, टी शर्ट, घड़ी और खेल से जुड़ी बहुत सारी चीजें बनाई। और आज के समय दोनों कंपनी स्पोर्ट्स की सबसे बड़ी कंपनियों में गिनी जाती है।

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