पढ़े Domino’s Pizza की सफलता की कहानी

टॉम मोनाघन का प्रारंभिक जीवन –Tom Monaghan Early Life Information in Hindi


टॉम का जन्म 25 मार्च 1937 को अमेरिका के मिशिगन में हुआ था। उनके पिता की मृत्यु होने के बाद इनका ज्यादातर बचपन अनाथालय और रिश्तेदारों के घर बीता कितनी कठिनाई भरे बचपन से गुजरने के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और कैसे ना कैसे करके अपनी पढ़ाई कॉलेज तक पूरी की।

Dominos biography in hindi


कॉलेज पूरा होने के बाद उन्होंने छोटी-छोटी नौकरियां करनी शुरू कर दी। ताकि वह कुछ पैसे जुटा सके, क्योंकि टॉम की आंखों ने तो ऊंचाइयों को छूने का सपना देखा था। छोटी-मोटी नौकरी करने के बाद उन्होंने अपने भाई से कुछ पैसे उधार लेकर मिशिगन शहर में एक छोटी सी पिज़्ज़ा की दुकान खोली।


जिस दुकान का नाम उन्होंने डोमिनिक्स रखा लेकिन 8 महीने बाद उनके भाई ने उनका साथ छोड़ दिया। और वे अलग हो गए क्योंकि वह दुकान के साथ-साथ नौकरी भी करते थे। इसलिए उन्होंने दुकान में रिस्क लेना नहीं समझा। क्योंकि उन्हें डर था कि शायद दुकान चले या ना चले। भाई की दुकान छोड़ने के बाद उन्हें बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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लेकिन जल्द ही उन्होंने बखूबी इस काम को अंजाम दिया। और होम डिलीवरी करके अपनी बिक्री को 8 गुना बढ़ा लिया। आगे चलकर उन्होंने अपनी मैन्यू में अलग-अलग तरीके के पिज्जा ऐड कर लिए। और लोगों ने भी इस बदलाव को दिल से पसंद किया। जैसी जैसी फायदा बड़ा अंतर टॉम ने भी अपने बिजनेस को और बड़ा कर लिया।

और 1965 में उन्होंने अपनी कंपनी का नाम बदलकर डोमिनोज पिज़्ज़ा रख दिया। उसी साल उन्होंने अपने दो स्टोर और खोल लिया और अपने तीन स्टोर को अपने लोगॉ में दिखाया। उन्होंने कहा कि जितने स्टोर बढ़ते जाएंगे वे उतने डॉट बढ़ाते चले जाएंगे लेकिन उनके स्टोर अविश्वसनीय तरीके से बढ़ने लगे इसलिए और डॉट्स लगाना नामुमकिन हो गया।

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1968 में उनके पहले स्टोर में आग लग गई। और टॉम को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। लेकिन टॉम ने किस्मत को दोष देने की बजाय उसी साल 5 स्टोर और खोल लिए। लेकिन 1970 में खराब बिक्री और कुछ कानूनी कार्यवाही की वजह से कंपनी घाटे में जाने लगी।


लेकिन टॉम हार मानने वालों में से नहीं थे। उन्होंने कानूनी कार्येवाहियो से छुटकारा पाकर 1973 में 30 मिनट में होम डिलीवरी का ऑफर निकाला। जिसके बाद से कंपनी की बिक्री में काफी गुना उछाल आ गया। और फिर 1978 तक डोमिनोस के 200 स्टोर खोल लिए गए।


और फिर अगले 5 सालों में 12 मई 1983 को डोमिनोस ने कनाडा में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्टोर खोला। और अभी तक की बात की जाए तो 75 देशों में करीब 11000 स्टोर खोले हैं। डोमिनोज़ की सफलता का सबसे बड़ा कारण यह भी है कि यह समय के साथ ढलता गया। 2007 में डोमिनोस ने ऑनलाइन ऑर्डर बुक करने की शुरुआत की।

तो अगले ही साल पिज्जा ट्रैकर एप के जरिए को लोगों को आर्डर ट्रैक करने की सुविधा मिली। टॉम ने एक छोटी सी दुकान से पूरी दुनिया भर में अपने स्टोर खोल दिए।

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