BMW की शुरुआत कैसे हुई|bmw success story in hindi

BMW की शुरुआत कैसे हुई | bmw success story in hindi


BMW के संस्थापक का नाम कार्ल रैप है। जिनका जन्म 24 सितंबर 1882 को जर्मनी में हुआ था। आगे चलकर वह मैकेनिकल इंजीनियर बने, आगे चलकर 1918 में उन्होंने कार्ल रैप मोटरइनवर्के नाम की एक कंपनी खोली। जिस कंपनी में एयरक्राफ्ट और वाहनों के इंजन बनाए जाते थे।

विश्व युद्ध की वजह से एयर इंजंस की डिमांड काफी तेजी से बढ़ गई। इसी वजह से उन्होंने 1916 में दो कंपनियों के साथ मिलकर एक कंपनी बनाई। जिसका नाम उन्होंने बवेरिया मोटर वर्क्स रखा। यह इसका अंग्रेजी नाम है। BMW कब पहला इंजन BMW lllA था।

BMW की शुरुआत कैसे हुई | bmw success story in hindi

जिसकी क्वालिटी इतनी जबरदस्त थी कि सेना द्वारा उन्हें एक बड़ा ऑर्डर मिल गया। लेकिन 1918 में विश्व युद्ध खत्म होने के बाद परिस्थिति कुछ ऐसी बनी कि कंपनी को एयर इंजन बनाना बंद करना पड़ा। इसीलिए कंपनी ने खेतों में इस्तेमाल होने वाले पंप और बस ट्रैक्टर जैसे वाहनों के इंजन बनाने शुरू किए।


1923 में BMW ने मोटरसाइकिल भी बनाना शुरू कर दिया और उनका पहला मोटरसाइकिल R32 था। 1928 में BMW ने ऑटोमोबाइल्स बिगेनिंग नाम की एक कंपनी को खरीद कर कार बनाना भी शुरू कर दिया। और इस कंपनी की पहली कार BMW 3/15 बनाई।


1939 में द्वितीय विश्व युद्ध के प्रारंभ में इस कंपनी ने दोबारा एयर इंजन बनाना शुरू कर दिया। लेकिन इसी बीच उनकी कई फैक्ट्रियों पर बमबारी की गई। और सोवियत संघ ने इनकी कुछ फैक्ट्रियों को अपने अधीन में ले लिया। और उनकी कंपनी पर मोटरसाइकिल और कार बनाने पर रोक लगा दी गई थी।

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लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और किचन का सामान और काफी छोटी मोटी चीजें बनाई। 1947 में BMW ने दोबारा मोटर्स बनाने का अधिकार ले लिया। और 1948 में R24 का एक मोटरसाइकिल लॉन्च किया। हालांकि कारों बनाने पर अभी भी बैन लगा हुआ था।

और 1951 में यह बैल भी हट गया। और उन्होंने अपनी BMW501 कार लांच की। कार महंगी होने की वजह से BMW की कमाई का स्रोत केवल मोटरसाइकिल ही थी।
1955 में अपने फायदे में कुछ कमी कर उन्होंने करीब 10000 कार बेची। लेकिन उन्हें इसमें घाटा हो रहा था। और 1960 आते-आते कंपनी डूबने की कगार पर आ गई।

लेकिन 1961 में BMW की 1500 कार लांच की गई। जिसकी वजह से कंपनी डूबने की कगार से बची। और इसे स्पोर्ट्स कार के रूप में लोगों ने काफी पसंद किया।
आगे चलकर इस कंपनी ने बहुत सारी कारें निकाली। और लोगों ने भी इन कारों को काफी पसंद किया। और इस कंपनी ने ऊंचाइयों को छुआ।

आगे चलकर 1994 में BMW ने ब्रिटिश रोवर को खरीद लिया। जिसमें उस समय लैंड रोवर भी शामिल थी। लेकिन यह आगे चलकर बीएमडब्ल्यू के लिए नुकसानदायक रही थी। और फिर BMW ने इसे Ford को बेच दिया।
1998 मे BMW ने Rolls Royce के नाम को और लोगॉ को खरीदा।

पत्र 2003 में रोल्स रॉयल के पुनर्गठन के साथ BMW ने Rolls Royce Phantom लांच की। और फिर 2004 में होंडा, कावासाकी, यामाहा और सुजुकी की खूबियों को देखते हुए BMW ने K 1200 की एक स्पोर्ट्स बाइक निकाली।


और फिर 2011 में इलेक्ट्रिकल कार के डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए BMW कि सब ब्रांड (BMW I) बनाई गई। और 2016 तक BMW की BMW I3  50000 कारें बेची जा चुकी थी। जो कि ग्लोबल सेल्स के मामले में बहुत बड़ी बात थी।


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