अमूल दूध की जन्म कहानी amul success story in hindi

देश आजाद होने से पहले भारत में दूध की सप्लाई विदेशी छोटी मोटी कंपनी किया करती थी। जिन्होने दूध के क्षेत्र में पूरे भारत पर कब्जा कर रखा था। इसलिए त्रिभुवन दास ने सरदार वल्लभभाई पटेल और मोरारजी देसाई के साथ मिलकर अमूल दूध की स्थापना की।

अमूल दूध की जन्म कहानी amul success story in hindi


इस कंपनी का रजिस्ट्रेशन 14 दिसंबर 1946 को एक कॉरपोरेशन कंपनी के तौर पर हुआ। कॉरपोरेशन कंपनी वे कंपनी होती हैं, जिसे कई लोग मिलकर बनाते हैं। आगे चलकर त्रिभुवनदास के कहने पर 1949 में वर्गीज़ कुरियन इस कंपनी को ज्वाइन कर लिया।

जिन्होंने 1948 में अमेरिका से मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री ली थी।वर्गीज़ कुरियन चाहते तो एक अच्छी खासी नौकरी कर सकते थे। लेकिन इसके अलावा वह देश के किसानों की मदद करना चाहते थे। और कंपनी ज्वाइन करने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह आई। की पॉलसनडेरी कंपनी ने पूरे देश पर कब्जा कर रखा था।

अमूल दूध की जन्म कहानी amul success story in hindi

क्योंकि उस समय पॉलसनडेरी एकमात्र ऐसी कंपनी थी जिसे किसान बिचौलियों के तौर पर दूध दिया करते थे। और वह भी बहुत कम दामों पर। और इसलिए किसानों को समझाया गया कि वह पॉलसन डेयरी को दूध ना दें, और अपनी इस कॉरपोरेशन डेरी को दूध दे और अच्छे दाम प्राप्त करें।

धीरे-धीरे करके लोगों को यह बात समझ में आने लगी, और कई किसान इस कंपनी के साथ जुड़ने लगे। और धीरे-धीरे करके यह कंपनी पूरे देश में दूध उत्पाद करने लगी। और वर्गीज़ कुरियन का यह काम सफल होने लगा। उन्होंने दूध की क्वालिटी के लिए और लोगों को सुविधा हो सके इसीलिए इस प्रोसेस को कई कई लेवल पर बांट दिया।

जिसमें गांव-गांव में प्लांट की व्यवस्था की गई। गांव से दूध की क्वालिटी चेक करने के बाद उसे शहरों में भेज दिया जाता था। और वहां भी जांच के स्तर के बाद उसे राज्य स्तर पर भेज दिया जाता था। और वहां पर इसकी पैकिंग होती थी और इसी प्रोसेस के जरिए यह लोगों तक पहुंचता था। 

अमूल दूध की जन्म कहानी amul success story in hindi


जल्दी ही कुरियन की मेहनत और लग्न रंग लाने लगी। और अमूल कंपनी एक के बाद एक बड़ी-बड़ी सफलता पाने लगी। लेकिन इस कंपनी की सफलता में एक बड़ा कारण मिल्क पाउडर भी था। जिसने भैंस के दूध से अमूल ने पहली बार बनाया था। वैज्ञानिकों का कहना था कि भैंस के दूध से मिल्क पाउडर नहीं बनाया जा सकता। लेकिन वर्गीज़ कुरियन ने सबको गलत साबित कर दिया।

और भैंस के दूध के साथ रिसर्च करते हुए एक नई खोज की।
और आगे चलकर अमूल ने काफी सफलताएं हासिल की। और दूध और मिल्क पाउडर के साथ घी, पनीर, दही, मक्खन, क्रीम, आइसक्रीम जैसी बहुत सारी चीजें बनाता हैं। और आज अमूल के साथ करीब 32 लाख लोग जुड़े हुए हैं। जो कि रोज दूध की सप्लाई करते हैं।


और वर्गीज़ कुरियन को इस काम के लिए पदम विभूषण, कृषि रत्न, पदम् श्री जैसे बहुत सारे पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। और लोग उन्हें ‘मिल्क मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से भी जानते हैं।

हालांकि वे इस दुनिया को छोड़ कर जा चुके हैं। 9 सितंबर 2012 को गुजरात में उनकी मृत्यु हो गई थी। भले ही वे आज इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनके विचार और कर्म हमेशा जीवित रहेंगे।


और पढ़े

Note:

आपके पास मैं और अमूल दूध की जन्म कहानी amul success story in hindi Information हैं, या दी गयी जानकारी मैं कुछ गलत लगे तो तुरंत हमें कमेंट मैं लिखे हम इसे समय समय पर अपडेट करते रहेंगे.अगर आपको हमारे लेख अच्छी लगे तो जरुर हमें Facebook और WhatsApp पर Share कीजिये.E-MAIL Subscription करे और पायें बड़े आसानी लेख अपने ईमेल पर.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here