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लियोनेल मेस्सी का प्रारंभिक जीवन – Lionel Messi  Early Life Information 


Lionel Messi ki kahani
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लियोनेल मेस्सी का जन्म 24 जून 1987 को रोसारियो अर्जेंटीना में हुआ था। उनके पिता का नाम जॉर्ज मेस्सी था। जो एक फैक्ट्री में मजदूर के तौर पर काम करते थे। और उनकी मां का नाम सेलिया मारिया था। मेस्सी के अलावा उनके दो बड़े भाई और एक बहन है। 5 साल की उम्र से ही मेसी ने अपने पिता जॉर्ज द्वारा ट्रेनिंग दिए जा रहे। घर के पास एक क्लब ग्रन्डोली के लिए फुटबॉल खेलना शुरू कर दिया।

 और फिर 1995 में अपने शहर रोसारियो की एक टीम न्यू वैल्स ओल्ड बॉयज की तरफ से खेलने लगे। मेस्सी 9 साल की उम्र में अपनी मेहनत और लगन के दम पर, इतना अच्छा फुटबॉल खेलने लगे थे, कि अगर फुटबॉल उनके पास आ जाती तो 10:15 मिनट तक उनसे कोई भी फुटबॉल नहीं छीन नही पता था। और फुटबॉल देखने वाले लोग खुशी के मारे सिक्के उछाल ने लग जाते थे। उनकी जिंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा था। वह अपनी लगन और मेहनत के दम पर अच्छे खिलाड़ी बनते हुए दिख रहे थे।

 उनके घर वालों को भी उनका करियर फुटबॉल में साफ-साफ दिखाई देने लग रहा था। लेकिन अचानक 11 साल की उम्र में उन्हें हार्मोन डेफिसेंसी नाम की बीमारी हो गई। इस बीमारी में शरीर के अंदर हारमोंस की बहुत कमी हो जाती है। और अगर इसका इलाज सही समय पर नहीं किया, जाए तो शरीर का विकास रुक जाता है। इस बीमारी का इलाज बहुत महंगा था। और साथ ही साथ मेस्सी को हर रात अपनी जांघों पर इंजेक्शन लगाना पड़ता था। जो कि बहुत दर्द करता था।

 उन्हें 7 दिन एक पैर में इंजेक्शन लगाना पड़ता था। तो फिर 7 दिन दूसरे पैर में इंजेक्शन लगाना पड़ता था। आप खुद ही सोच सकते हैं, कि एक 11 साल के बच्चे के लिए यह सब करना कितना कठिन था। कुछ सालों बाद मेस्सी के पिता ने पैसे इकट्ठे करके मेस्सीका इलाज करवाया। लेकिन उसके बाद उनके घर की स्थिति बहुत खराब हो गई। मेस्सी के इलाज में हर महीने का 15सौ डॉलर खर्च था। लेकिन उनके पिता मजदूरी करके उनका खर्च नहीं उठा पा रहे थे।

 लेकिन मेस्सी ने अपने इतने कठिन समय में भी फुटबॉल को नहीं छोड़ा। और अपनी जी जान लगाकर प्रेक्टिस करने लगे। और कहते हैं ना, कि अगर तुम किसी चीज को शिद्दत से चाहो ना, तो पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने में लग जाती है। और ऐसा ही कुछ मेस्सी के साथ हुआ। मेस्सी के खेल से प्रभावित होकर उनके किसी प्रशंसक ने बार्सिलोनिया युथ अकादमी के खेल निर्देशक कॉश डिस्कास को मेस्सी के खेल के बारे में बताया। जिसके बाद उन्होंने मेस्सी का मैच देखा, और वे इस छोटे से बच्चे के मैच के दीवाने हो गए।

 फिर उन्होंने मेस्सी के परिवार वालों से कहा, कि उनका इलाज का खर्च उनकी टीम उठाएगी। लेकिन उन्हें स्पेन आकर वारसोलोना की तरफ से खेलना पड़ेगा। इस एग्रीमेंट को मेस्सी और उनके परिवार वालों ने खुशी-खुशी मान लिया। और फिर 14 साल की उम्र में मेस्सी अपने परिवार वालों के साथ स्पेन चले गए। और फिर बार्सिलोनिया की यूथ एकेडमी टीम में उन्होंने खेलना शुरू किया। और वहां भी उन्होंने अपने जादुई खेल से सबको प्रभावित कर दिया। 


मेस्सी ने 16 नवंबर 2003 को पोर्टो के खिलाफ फ्रेंडली मैच में अपनी टीम की तरफ से खेलते हुए। अपने खेल जीवन की शुरुआत की। वे उस समय केवल 16 साल 145 दिन के थे। उन्होंने 17 अगस्त 2005 को 18 साल की उम्र में हंगरी के साथ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। और फिर उसके बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। और सफलता के झंडे घाड़ते गए। और 2012 में सबसे ज्यादा गोल करने की वजह से उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल हो गया। इस साल उन्होंने 91 गोल दागे थे।

 मेस्सी ने 2004 से लेकर 2016 तक बार्सिलोनिया के लिए 348 मैच खेले थे। और उसमें उन्होंने 312 गोल दागे थे। स्पेनिश ला लीगा में 300 गोल करने वाले मेसी एकमात्र खिलाड़ी हैं। 2014 की वर्ल्ड कप में मेस्सी के रहते हुये। अर्जेंटीना की टीम ने फाइनल तक सफर तय किया। और फिर मेस्सी को गोल्डन बॉल के खिताब से नवाजा गया। गोल्डन पुरस्कार फुटबॉल खिलाड़ियों में से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को दिया जाता है।

 इसके अलावा मेस्सी के बहुत सारे रिकॉर्ड हैं, जिन्हें तोड़ पाना किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ी बात होगी। दोस्तों मेसी ने अपनी केवल 29 साल की उम्र में वह सब कुछ कर लिया, जो एक खिलाड़ी को ऊंचाइयों की बुलंदियों तक पहुंचाता है। दोस्तों मेस्सी के पिता एक साधारण से व्यक्ति थे। जो अपने घर का खर्च बहुत ही मुश्किल से चला पाते थे। और मेस्सी बचपन में हार्मोन डिसोजरी जैसी बीमारी से भी ग्रस्त थे। लेकिन उन्होंने कभी भी इसको अपने खेल के बीच में नहीं आने दिया। और अपने प्रयासों को जारी रखते हुए, अपने आप को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल किया।


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Hemraj Kumar 


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